क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसमें हर गेंद पर रोमांच छिपा होता है। गेंदबाज़ी में हैट्रिक (Hat Trick) अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि मानी जाती है, लेकिन डबल हैट्रिक (Double Hat Trick) क्रिकेट के सबसे दुर्लभ और ऐतिहासिक कारनामों में गिनी जाती है।
अक्सर क्रिकेट प्रेमियों के मन में यह सवाल आता है कि डबल हैट्रिक में कितने विकेट होते हैं? क्या यह सामान्य हैट्रिक से अलग होती है? और क्या यह हर फॉर्मेट में संभव है? इस लेख में हम इन सभी सवालों का विस्तार से उत्तर देंगे।
Hat Trick क्या होती है?
डबल हैट्रिक को समझने के लिए पहले यह जानना ज़रूरी है कि हैट्रिक क्या होती है। क्रिकेट में जब कोई गेंदबाज़ लगातार तीन गेंदों पर तीन विकेट लेता है, तो उसे हैट्रिक कहा जाता है। इसका मतलब है कि तीनों बल्लेबाज़ बिना किसी रुकावट के एक के बाद एक आउट हों। उदाहरण के तौर पर, पहली गेंद पर एक बल्लेबाज़ आउट होता है, फिर दूसरी गेंद पर अगला बल्लेबाज़ आउट हो जाता है और तीसरी गेंद पर तीसरा बल्लेबाज़ भी आउट हो जाता है। इन तीनों विकेटों का लगातार होना अनिवार्य है। अगर बीच में कोई गेंद बिना विकेट चली जाए, तो उसे हैट्रिक नहीं माना जाता।
Double Hat Trick क्या होती है?
क्रिकेट में डबल हैट्रिक (Double Hat Trick) एक बेहद दुर्लभ और रोमांचक उपलब्धि मानी जाती है। जब कोई गेंदबाज़ लगातार चार गेंदों पर चार विकेट हासिल करता है, तो इसे डबल हैट्रिक कहा जाता है। इसका अर्थ यह है कि गेंदबाज़ बिना किसी खाली गेंद के, एक के बाद एक चार बल्लेबाज़ों को आउट करता है। डबल हैट्रिक में कुल 4 विकेट होते हैं और इन सभी विकेटों का लगातार चार गेंदों पर गिरना अनिवार्य होता है। यह जरूरी नहीं कि ये चारों गेंदें एक ही ओवर में हों; ओवर बदलने पर भी अगर गेंदें लगातार हों, तो डबल हैट्रिक मान्य होती है। इस उपलब्धि को हासिल करना आसान नहीं होता, क्योंकि चौथे विकेट तक बल्लेबाज़ और टीम पूरी तरह सतर्क हो जाते हैं। इसी कारण डबल हैट्रिक क्रिकेट इतिहास की सबसे खास और यादगार गेंदबाज़ी उपलब्धियों में गिनी जाती है।
Hat Trick और Double Hat Trick में अंतर
| Hat Trick | Double Hat Trick | |
| विकेटों की संख्या | 3 | 4 |
| गेंदों की संख्या | लगातार 3 गेंद | लगातार 4 गेंद |
| उपलब्धि | दुर्लभ | बेहद दुर्लभ |
| क्रिकेट में स्थिति | कई बार देखने को मिलती है | बहुत कम देखने को मिलती है |
Double Hat Trick इतनी खास क्यों होती है?
डबल हैट्रिक को क्रिकेट में इतना खास इसलिए माना जाता है क्योंकि:
- लगातार चार बल्लेबाज़ों को आउट करना बेहद मुश्किल होता है। हर विकेट के बाद टीम और बल्लेबाज़ ज्यादा सतर्क हो जाते हैं।
- बल्लेबाज़ सतर्क हो जाते हैं। वे जोखिम भरे शॉट खेलने से बचने लगते हैं।
- कप्तान रणनीति बदल देता है। फील्ड सेटिंग और बल्लेबाज़ी क्रम में तुरंत बदलाव किया जाता है।
- फील्डिंग दबाव में आ जाती है। हर खिलाड़ी पर गलती न करने का मानसिक दबाव होता है।
- इन सबके बावजूद चार विकेट लेना असाधारण कौशल का प्रमाण है। यह गेंदबाज़ की प्रतिभा, आत्मविश्वास और नियंत्रण को दर्शाता है।
क्या Double Hat Trick हर फॉर्मेट में संभव है?
हाँ, डबल हैट्रिक क्रिकेट के सभी प्रमुख फॉर्मेट में संभव है:
- टेस्ट क्रिकेट:
टेस्ट क्रिकेट को सबसे कठिन फॉर्मेट माना जाता है क्योंकि इसमें बल्लेबाज़ लंबे समय तक टिककर और धैर्य के साथ खेलते हैं। गेंदबाज़ को हर विकेट के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में लगातार चार गेंदों पर चार विकेट लेना बेहद मुश्किल होता है, इसलिए टेस्ट क्रिकेट में डबल हैट्रिक बहुत ही दुर्लभ देखने को मिलती है। - वनडे क्रिकेट:
वनडे क्रिकेट सीमित ओवरों का फॉर्मेट होता है, जहां बल्लेबाज़ तेजी से रन बनाने की कोशिश करते हैं। आक्रामक खेल के कारण विकेट गिरने की संभावना रहती है, लेकिन फिर भी लगातार चार गेंदों पर चार विकेट लेना आसान नहीं होता। इसी वजह से वनडे क्रिकेट में डबल हैट्रिक कम देखने को मिलती है। - T20 क्रिकेट:
T20 क्रिकेट सबसे तेज़ और रोमांचक फॉर्मेट है, जिसमें बल्लेबाज़ शुरुआत से ही जोखिम भरे शॉट खेलते हैं। तेज़ रन बनाने की होड़ में विकेट जल्दी गिर सकते हैं। फिर भी चार गेंदों पर चार विकेट लेना आसान नहीं होता, इसलिए T20 में भी डबल हैट्रिक एक खास उपलब्धि मानी जाती है।
क्या ओवर बदलने से डबल हैट्रिक टूट जाती है?
नहीं, ओवर बदलने से डबल हैट्रिक नहीं टूटती। क्रिकेट में डबल हैट्रिक का मतलब लगातार चार गेंदों पर चार विकेट लेना होता है, चाहे ओवर बदले या नहीं। यदि कोई गेंदबाज़ एक ओवर की आखिरी दो गेंदों पर दो विकेट लेता है और अगले ओवर की पहली दो गेंदों पर भी दो विकेट हासिल कर लेता है, तो यह पूरी तरह से मान्य डबल हैट्रिक मानी जाती है। शर्त सिर्फ इतनी है कि बीच में कोई गेंद बिना विकेट न जाए और सभी विकेट लगातार हों।
क्या रन-आउट भी डबल हैट्रिक में गिना जाता है?
रन-आउट को डबल हैट्रिक में शामिल नहीं किया जाता। इस बात पर विशेष ध्यान देना जरूरी है कि डबल हैट्रिक तभी मानी जाती है जब सभी विकेट गेंदबाज़ के खाते में जाएँ। अगर गेंदबाज़ की गेंद पर कोई बल्लेबाज़ रन-आउट होता है और वह विकेट गेंदबाज़ को नहीं मिलता, तो उसे डबल हैट्रिक का हिस्सा नहीं माना जाता। डबल हैट्रिक के लिए चारों विकेट लगातार और पूरी तरह गेंदबाज़ द्वारा लिए गए होने चाहिए।
निष्कर्ष
डबल हैट्रिक में कुल चार विकेट होते हैं, और ये चारों विकेट लगातार चार गेंदों पर गिरने चाहिए। यह उपलब्धि क्रिकेट की सबसे दुर्लभ और रोमांचक घटनाओं में से एक मानी जाती है। हर गेंदबाज़ के लिए डबल हैट्रिक लेना एक सपने जैसा होता है, क्योंकि यह न सिर्फ आंकड़ों में खास होती है बल्कि मैच का पूरा रुख बदलने की क्षमता भी रखती है। क्रिकेट प्रेमियों के लिए डबल हैट्रिक हमेशा उत्साह और रोमांच का विषय बनी रहती है।
FAQs
डबल हैट्रिक में कितने विकेट होते हैं?
डबल हैट्रिक में कुल चार विकेट होते हैं। ये चारों विकेट लगातार चार गेंदों पर गिरना अनिवार्य होते हैं।
क्या ओवर बदलने पर डबल हैट्रिक मान्य होती है?
हाँ, ओवर बदलने से डबल हैट्रिक नहीं टूटती। अगर गेंदें लगातार हों, तो इसे डबल हैट्रिक ही माना जाता है।
क्या टेस्ट क्रिकेट में डबल हैट्रिक संभव है?
हाँ, टेस्ट क्रिकेट में डबल हैट्रिक संभव है। हालांकि यह फॉर्मेट कठिन होने के कारण बहुत दुर्लभ मानी जाती है।
क्या रन-आउट डबल हैट्रिक में गिना जाता है?
नहीं, रन-आउट को डबल हैट्रिक में शामिल नहीं किया जाता। केवल वही विकेट मान्य होते हैं जो गेंदबाज़ के खाते में जाते हैं।
क्या डबल हैट्रिक एक ही ओवर में लेना जरूरी होता है?
नहीं, डबल हैट्रिक के लिए एक ही ओवर जरूरी नहीं होता। शर्त सिर्फ यह है कि चारों विकेट लगातार चार गेंदों पर लिए गए हों, चाहे ओवर बदले या नहीं।


